अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो पहले सूरज की तरह जलो।
चलिए आज हम इस वाक्य का विश्लेषण करेंगे। शायद आप ने सुना हो। अपने विचार अवश्य बताए । *
*अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो,, यहां पे स्पष्ट रूप से कहा गया है , सूरज की तरह चमकना । इसका अर्थ है कि पूरे विश्व में अपना प्रभाव डालना । मतलब हर व्यक्ति को ज्ञात होना चाहिए कि सूरज यही है, सूरज की जगह आप अपने आप को महसूस करे, (on the place of sun assume your self), इससे आपको पता चलेगा की लोग अक्सर ये क्यों कहते है। जिस दिन हर कोई आपको पहचानेगा , अर्थात् आपका उसके जीवन में कोई तोंह महत्व होगा ।
सूरज की तरह चमकना
सूरज की तरह जलना।
सूरज की तरह जलना। सूरज कि तरह चमकना के लिए सूरज कि तरह जलना ही पड़ा ।दोस्तो कितना आसान होता है,ये कहना उसकी तरह तो कोई भी बन सकता है,बस लोग इतना भूल गए मंजिल तक पहुंचने के लिए कितना चलना पड़ता है ।पैरों में छाले भी होते है। अपने आप में ही रोते है।हर कदम जो मंजिल के पास जाता है, थोड़ा और उत्साह भर जाता है।बस एक मुस्कान चेहरे पे तब आती है, जब मंजिल समीप नजर आती है।पहुंचे जब डगर पे, सिर्फ जमीन नजर आती है।दर्द कहा ओंझल हो गया , बस सफलता नजर आती है।:- अज़िंक गुप्ता
तो आपने मेरे काव्य रचना को पढ़ा तो क्या समझा ये भी बताए। क्युकी आपके विचार ही मेरे विचारो को प्रभावीत करते है। तो आप सूरज कि तरह जलना यानी इतनी मेहनत करना शुरू कर दीजिए । की सफलता आपके कदम चूमे। लेकिन एक और बात भी यहां पे लागू होती है, की व्यक्ति के विचार हमेशा सही ही होने चाहिए मतलब गलत विचार नहीं करने चाहिए । तो सफल होने के लिए आज से ही कोसिस सुरू करदो ।
मोटीवेट करना आसान होता है , मोटीवेट होना भी आसान होता है।
बस मोटीवेट होने के बाद जो कार्य करना है , बड़ा कठिन होता है।


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जवाब देंहटाएंbahoot badhiya
जवाब देंहटाएंKya likhte ho bhai
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